Glacial lake in Nepal फटने से हाहाकार, भारत की टेंशन बढ़ी: हिमालय की 200 झीलों पर खतरा, 25 अतिसंवेदनशील घोषित
नेपाल में बुधवार को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) से आई भीषण बाढ़ ने भारत को भी अलर्ट पर ला दिया है। हिमालयी क्षेत्र में मौजूद करीब 200 ग्लेशियल झीलों पर खतरा मंडरा रहा है, जिनमें से 25 को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।

नई दिल्ली। नेपाल में ग्लेशियल झील फटने से आई अचानक बाढ़ ने भारत की चिंता बढ़ा दी है और रणनीति पर दोबारा विचार करने को मजबूर कर दिया है। इस घटना ने याद दिलाया कि हिमालय में लगभग 200 ऐसी खतरनाक झीलें हैं जिनसे भविष्य में बड़ा खतरा हो सकता है।

Read More: flood in Nepal से भारी तबाही: मौतों का आंकड़ा 616 पहुंचा, 2000 से ज्यादा लापता; भारतीय बचाव दल मदद को पहुंचा
सरकारी सर्वेक्षणों के मुताबिक, हिमालयी रेंज में कुल करीब 7,500 ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें से 10 प्रतिशत अकेले सिक्किम में हैं, जहां 25 झीलों को बेहद खतरनाक माना गया है। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि 4,700 झीलें गंगा बेसिन में आती हैं, जिनका कैचमेंट एरिया 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा है।
Read More: Sisters’ affection और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी एक भी झील का प्राकृतिक बांध टूटा तो मैदानी और निचले इलाकों में भारी तबाही मच सकती है। भारत पहले भी ऐसी त्रासदी झेल चुका है – 3 अक्टूबर 2023 को सिक्किम की साउथ ल्होनक झील में करीब 14.7 मिलियन क्यूबिक मीटर ग्लेशियल चट्टान ढहने से भीषण बाढ़ आई थी।



